
MP Shikshak Bharti Niyam 2026: मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने ‘मध्यप्रदेश राज्य एवं अधीनस्थ शिक्षा सेवा (शाला शाखा) भर्ती तथा पदोन्नति नियम-2016’ में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। 27 अप्रैल 2026 को जारी इस राजपत्र (असाधारण) के अनुसार, अब शिक्षा विभाग की सीधी भर्ती के पदों पर 5 वर्षों तक निरंतर सेवा देने वाले संविदा अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए 50% पद आरक्षित रहेंगे। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10% आरक्षण और आयु सीमा में छूट के नए नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।
इस विस्तृत लेख में हम राजपत्र में दिए गए हर बिंदु, वेतनमान, पदोन्नति के नियम और विभिन्न शैक्षणिक पदों की जानकारी को विस्तार से समझेंगे।
1. संविदा अधिकारियों के लिए 50% आरक्षण का बड़ा ऐलान
नए संशोधन के अनुसार, नियम 8 में उप-नियम (4) और (5) जोड़े गए हैं, जो संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए किसी उपहार से कम नहीं हैं।
- आरक्षण का दायरा: विभाग में सीधी भर्ती के कुल रिक्त पदों के 50 प्रतिशत तक पद संविदा अधिकारियों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे।
- पात्रता की शर्तें: इस आरक्षण का लाभ केवल वही संविदा कर्मचारी ले पाएंगे जिन्होंने नियमित पदों के समकक्ष संविदा पद पर न्यूनतम 05 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण कर ली हो।
- एक बार का लाभ: यह विशेष आरक्षण सुविधा केवल एक बार नियुक्ति (Joining) प्राप्त करने के लिए ही मान्य होगी। एक बार लाभ लेने के बाद व्यक्ति पुनः इसका पात्र नहीं होगा।
- आयु सीमा में भारी छूट: संविदा पर कार्य करने वाले अभ्यर्थियों को उनके द्वारा की गई सेवा अवधि के बराबर आयु सीमा में छूट दी जाएगी, लेकिन सभी छूटों को मिलाकर अधिकतम आयु 55 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती।
2. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10% आरक्षण
संशोधित नियमों में “आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग” (EWS) को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।
- नियम 11 के तहत, सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार सीधी भर्ती के पदों पर 10 प्रतिशत पद EWS श्रेणी के नागरिकों के लिए आरक्षित रहेंगे।
- इसके लिए 02 जुलाई 2019 और 18 जुलाई 2019 के परिपत्रों को आधार बनाया गया है।
3. आयु सीमा का निर्धारण
संशोधन के तहत अब अधिकतम आयु सीमा का निर्धारण मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी नियमों के अनुसार किया जाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहेगी।
4. विभिन्न पदों का वर्गीकरण और आकर्षक वेतनमान (Schedule-I)
राजपत्र में विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक पदों के लिए सातवें वेतनमान (7th Pay Commission) के अनुसार विस्तृत सैलरी स्ट्रक्चर और पदों की संख्या बताई गई है:
| पद का नाम | श्रेणी | वेतनमान (Pay Level) | कुल पद |
|---|---|---|---|
| संचालक (Director) | प्रथम श्रेणी | लेवल 16 (129700-214300) | 03 |
| अपर संचालक (Add. Director) | प्रथम श्रेणी | लेवल 15 (123100-215900) | 11 |
| संयुक्त संचालक (Joint Director) | प्रथम श्रेणी | लेवल 14 (79900-211700) | 36 |
| उप संचालक (Deputy Director) | प्रथम श्रेणी | लेवल 13 (67300-206900) | 176 |
| सहायक संचालक (Assistant Director) | द्वितीय श्रेणी | लेवल 12 (56100-177500) | 514 |
| प्राचार्य, उ.मा.वि. (Principal HSS) | द्वितीय श्रेणी | लेवल 12 (56100-177500) | 3599 |
| प्राचार्य, हाई स्कूल (Principal HS) | द्वितीय श्रेणी | लेवल 10 (42700-135100) | 4313 |
| व्याख्याता (Lecturer) | द्वितीय श्रेणी | लेवल 9 (36200-114800) | 7250 |
| प्रधानाध्यापक, माध्यमिक शाला | द्वितीय श्रेणी | लेवल 9 (36200-114800) | 9514 |
5. भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया (Schedule-II & III)
राजपत्र में स्पष्ट किया गया है कि कौन से पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे और कौन से पदोन्नति (Promotion) से।
- सहायक संचालक (लोक शिक्षण): 50% पद सीधी भर्ती (MPPSC राज्य सेवा परीक्षा) और 50% पद पदोन्नति से भरे जाएंगे।
- प्राचार्य, उच्चतर माध्यमिक शाला: 25% पद सीधी भर्ती और 75% पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे।
- एरिया एजुकेशन ऑफिसर (AEO): यह पद 100% सीमित विभागीय परीक्षा (Limited Departmental Exam) के माध्यम से भरा जाएगा, जिसमें 55 वर्ष तक की आयु के नियमित शिक्षक भाग ले सकेंगे।
6. पदोन्नति के लिए अनुभव की अनिवार्यता (Schedule-IV)
पदोन्नति के लिए न्यूनतम अनुभव की सीमा भी तय की गई है:
- संयुक्त संचालक से अपर संचालक: 05 वर्ष का अनुभव।
- व्याख्याता/AEO से हाई स्कूल प्राचार्य: 05 वर्ष का अनुभव।
- शिक्षक से प्रधानाध्यापक (माध्यमिक शाला): 05 वर्ष का अनुभव।
- विशेष नोट: यदि फीडर कैडर में पात्र लोक सेवक उपलब्ध नहीं हैं, तो विभाग अनुभव की अवधि में एक बार के लिए शिथिलता (Relaxation) प्रदान कर सकता है।
7. महत्वपूर्ण विशेष नियम
- राष्ट्रीय/राज्य पुरस्कार विजेता शिक्षक: राष्ट्रपति या राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को उच्चतर वेतनमान या पदोन्नति में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें शासन के नियमानुसार “पारी बाहर पदोन्नति” (Out of turn promotion) भी दी जा सकती है।
- परिवीक्षा अवधि (Probation Period): सीधी भर्ती से नियुक्त प्रत्येक अधिकारी 02 वर्ष की परिवीक्षा पर रहेगा। इस दौरान उसे विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
- वरिष्ठता का नियम: अंतर-संभागीय स्थानांतरण होने पर शिक्षक की वरिष्ठता उस संभाग के सबसे अंत में गिनी जाएगी।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किया गया यह संशोधन संविदा कर्मचारियों के लंबे संघर्ष की जीत के रूप में देखा जा रहा है। 50% आरक्षण मिलने से हजारों परिवारों को लाभ होगा। साथ ही, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता लाने के लिए पदों का विस्तृत ब्यौरा जारी करना एक सराहनीय कदम है।
27 अप्रैल 2026 को जारी राजपत्र (असाधारण) पढ़ें



